सपनों की राह पर जब भी कदम बढाएंगे
जलने वाले जलते है जलते रहेंगे,
हमें पथ से भटकाने का प्रयास करते रहेंगे,
कांटे राहों में हमारी निरंतर बोते रहेंगे,
पैर कितने भी हो जाएं इन कांटों से जख्मी,
हम सफलता पाने का प्रयास करते रहेंगे,
कभी तो किस्मत का पन्ना पलट पाएंगे,
कभी तो सफलता का रसास्वादन कर पाएंगे!
तब तक ना रुकेंगे, ना थकेंगे, ना गिरने के डर से घबराएगें, सफलता की राहों पर बेखोफ, बेधड़क बढ़ते ही जाएंगे,आएगा एक वक्त ऐसा भी यारों अपनें माता-पिता की पहचान बन जाएंगे,तब माता-पिता भी कहेंगे गर्व से सबको, अब हम इसके नाम से जाने जाएंगे!

Just read…. This is a nice one…
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