एक नन्ही परी मेरी जिंदगी में आई,
आगमन ने उसके मेरे दिल में हलचल मचाई!
दिन रात अब उसके ही हो गए,
हम तो उसकी मासूम शरारतों में खो गए!
जी भरकर उस पर प्यार लुटाया, कभी
प्यार से तो कभी गुस्से से ममता को जताया!
अपनी तोतली जबां से जब उसने (मां) कहकर बुलाया, उस एक शब्द ने( मां)होने का एहसास कराया!
अपने नन्हें पैरों से जब उसने पहला कदम उठाया,
अपनी उंगली थमा उसके हौंसले को बढ़ाया!
दिन-रात उसे लोरियां गाकर सुलाया,
सबसे बचाकर उसे अपने आंचल में छुपाया!
मां बन सही गलत का फ़र्क उसे समझाऊंगी,
दोस्त बन उसकी हर उलझन सुलझाऊंगी!
जिंदगी की दौड़ में वो जब भी घबराएगी,
ताकत बन अपनी मां को साथ खड़ा पाएगी!
