( रहमत )

खुदा की रहमत हुई तो आँखों से हर धूल छँट गई,

ख़ून के रिश्तों की सच्चाई दिख गई ,

दिल के रिश्तों की गहराई दिख गई ,

जिनके लिए करते-करते ये जिंदगी घिस गई,

आज उनकी नज़रों में हमें हमारी औक़ात दिख गई ।

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