कितने ही आंसू बहे होंगे तेरी आंखों से,
जब तूने मेरी तस्वीर को निहारा होगा,
कितने ही दर्द से गुजरा होगा तेरा दिल,
जब सिसकते हुए तेरे लबों ने मेरा नाम पुकारा होगा,
कितने ही सपनें टूटे होंगें तेरी आंखों के, जब तिरंगे में
लिपटा मुझे देखा होगा,
गर्व से सिर ऊंचा तो किया होगा तूने, जब वतन पर मेरे शहीद होने का संदेशा तुझे सुनाया होगा,
चेहरे पर तेरे गर्व और आंखों में नमी होगी, जब पूरे देश ने मेरी अन्तिम यात्रा को अपनी दुआओं के फूलों से सजाया होगा!
