संस्कारों का बीज, बच्चों में हमने ही बोना है,
रोपाई ढंग से ना हुई तो, उम्रभर का रोना है,
बच्चों में आपके धन का नहीं, संस्कारों का आंकलन होना है, प्रतिबिम्ब है आपके, आपकी सोच ने उनके व्यवहारों से ही प्रदर्शित होना है,
सपनें जगाएगें जो, उनकी आंखों में बड़े-बड़े ,
उन सपनों की बली, एक दिन हमनें ही होना है,
उपहार ना दिये तो, बच्चों ने पलभर ही रोना है,
संस्कार दिये तो, उनका भविष्य उज्जवल ही होना है,
