फूलों से सीख लो, सदा खिलखिलाने की,
कांटों संग, रहकर भी मुस्कुराने की,
अपनी खुश्बू से सबकी, जिंदगी महकाने की,
डाली से टूटकर भी, सबके घरों की सुंदरता बढ़ाने की,
तूफानों को हंसते-हंसते पार करने की
अंत में, प्रभु के श्रृंगार की, शोभा बढ़ाने की,
फूलों से सीख लो, सदा खिलखिलाने की,
कांटों संग, रहकर भी मुस्कुराने की,
अपनी खुश्बू से सबकी, जिंदगी महकाने की,
डाली से टूटकर भी, सबके घरों की सुंदरता बढ़ाने की,
तूफानों को हंसते-हंसते पार करने की
अंत में, प्रभु के श्रृंगार की, शोभा बढ़ाने की,