जिंदगी के हर रंग से वाक़िफ़ करवा रहा है रब,
गुरु बन हमारी कमज़ोरियों से हमें मिलवा रहा है रब ।
डर ना जाएँ कहीं ज़िंदगी की राहों में हम,
तभी साथी बन साथ-साथ चल रहा है रब
सुख-दुख का चक्र चला रहा है रब,
धैर्य शक्ति को हमारी आज़मा रहा है रब
पार कर सके हर पढ़ाव को हँसते -हँसते हम,
तभी एक-दूसरे की ताक़त हमें बना रहा है रब ।।
