किसी का घर जलाओगे, तो घर तुम्हारा भी जलेगा,
देर से ही सही कर्मो का फल तुमको भी मिलेगा,
किसी की सिसकती आंहों से घर तेरा भी हिलेगा,
किसी बेगुनाह के आंसुओं में घर तेरा भी ढहेगा,
तू क्या किसी को बरबाद करेगा,
वो अपनी पर आया तो तुझे ही खाक करेगा ||
किसी का घर जलाओगे, तो घर तुम्हारा भी जलेगा,
देर से ही सही कर्मो का फल तुमको भी मिलेगा,
किसी की सिसकती आंहों से घर तेरा भी हिलेगा,
किसी बेगुनाह के आंसुओं में घर तेरा भी ढहेगा,
तू क्या किसी को बरबाद करेगा,
वो अपनी पर आया तो तुझे ही खाक करेगा ||