सिसकता दिल तुझे पुकारता रहा,
कर हमारी आहों को अनसुना, तू गैरों संग वक्त गुजारता रहा,
मोल हमारी मुहब्बत का तू कौड़ियों में आंकता रहा,
शिद्दत देख हमारी चाहत की, दीवाना दिल फिर भी तुझे चाहता रहा,
गैरों संग ही सही, खुश रहे तू सदा यही दिल मांगता रहा ||
सिसकता दिल तुझे पुकारता रहा,
कर हमारी आहों को अनसुना, तू गैरों संग वक्त गुजारता रहा,
मोल हमारी मुहब्बत का तू कौड़ियों में आंकता रहा,
शिद्दत देख हमारी चाहत की, दीवाना दिल फिर भी तुझे चाहता रहा,
गैरों संग ही सही, खुश रहे तू सदा यही दिल मांगता रहा ||