मेरे पापा है मेरी पहचान, दिल की लेते सब बातें जान,
मेरी छोटी सी चोट पर भी हो जाते बड़े परेशान,
अपनी ख्वाहिशों से हो अंजान, पूरे करते मेरे सब अरमान,
मेरे अरमानों की खातिर, ना देते अपनी सेहत पर ध्यान,
सही –गलत का मुझको देते ज्ञान,
ताकि बचपने में ना करूं मैं अपना कोई नुकसान,
मस्ती कर हमारे संग, अपनें अंदर के बच्चे का देते प्रमाण,
मेरे लिए बड़े–बड़े सपने सजाते, फिर उन सपनों को देते उड़ान,
कितना भी रूठें हो मुझसे, मनाने पर मेरे फौरन जाते मान,
मेरा भी अब यही ख्वाब है, पूरे करूं उनके सब अरमान,
बुढ़ापे में उनका बनूं सहारा, जिस पर हो उनको अभिमान,
बाप–बेटे की आदर्श जोड़ी का, दुनिया को हम दें प्रमाण ||
