किन लफ्जों में बयां करूं अपने दिल की प्रीत,
कैसे कहूं तुमसे बन जाओ मेरे मीत,
तुम्हीं मेरे जीवन का सुरमयी संगीत,
संग तुम्हारे वक्त न जाने कैसे जाता है बीत,
साथ तुम्हारे गुनगुनाएंगे हम प्यार भरे गीत,
थाम लो गर हाथ मेरा, तो मुकम्मल हो जाए मेरी प्रीत ||
किन लफ्जों में बयां करूं अपने दिल की प्रीत,
कैसे कहूं तुमसे बन जाओ मेरे मीत,
तुम्हीं मेरे जीवन का सुरमयी संगीत,
संग तुम्हारे वक्त न जाने कैसे जाता है बीत,
साथ तुम्हारे गुनगुनाएंगे हम प्यार भरे गीत,
थाम लो गर हाथ मेरा, तो मुकम्मल हो जाए मेरी प्रीत ||