( इम्तिहान )

ना टूटना है, ना बिखरना है,

थाम डोर हौंसलों की हमें तो बढ़ते रहना है,

जिंदगी के हर इम्तिहान में अब हमको खरा उतरना है,

इन इम्तिहानों से गुजर कर ही हमारा व्यक्तित्व निखरना है,

जिंदगी के समंदर में इन तूफानी लहरों से अब लड़कर पार उतरना है,

जीत भी होगी कदमों में तेरे, बस हौंसलों को मजबूत करना है ||

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