अकेलापन तुझसे ही मैं बांट लेता हूं,
मॉं, तू अभी दूर है तो क्या हुआ, यह सोच कर तब तक तेरी तस्वीर को ही निहार लेता हूं,
तेरी प्यारी सी मुस्कान को मैं दिल में उतार लेता हूं, घेरते हैं जब भी अकेलेपन के साये, मां, तेरी यादों से रोशन दिल की हर दीवार करता हूं,
सहलाती हो सिर मेरा, अपनी गोद में रख यही सोच कर हर रात गुजार लेता हूं,
जल्दी ही आयेगी तू मेरे पास, इस विश्वास से हर पल तेरे स्वागत को तैयार रहता हूं ||
