( वक्त )

वक्त-वक्त की बात है,
वक्त ही बदलता हालात है,
वक्त ही बदलता जज्बात है,
वक्त ही करवाता अपने पराये की पहचान है,
याद रखना, वक्त ना तेरे साथ है ना मेरे साथ है,
क्योंकि वक्त ही है, जो हमें अपनी कसौटी पर परखता दिन-रात है ||

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