चक्र किस्मत का जब भी घूमेगा प्यारे,
तेरी ज़िंदगी के बदलेंगे सारे नजारे,
तुझे सबक देगी जिंदगी, तेरे अपनों के सहारे,
जिन ख्वाहिशों के लिए ,किये गलत काम तूने सारे,
अब उनकी कीमत चुकाएँगे, वो जो हैं तुझे जान से प्यारे,
अपनों को जरिया बनाकर, ही वो सबक सिखाता है,
क्योंकि सबक वही, जो आत्मा को झकझोर जाता है ||
