नन्हे मन की नन्ही सी खुशियाँ,
जल्दी से हो जाएं सर्दी-गर्मी की छुट्टीयां,
बुआ, मामा, मासी संग वक्त बिताने की छुट्टियां,
दादा-दादी, नाना-नानी से अपने मां-बाप के किस्से सुनने की छुट्टियां,
बहन भाईयों संग पकवान खाने और बेखौफ मस्ती करने की छुट्टियां,
बुआ-मासी का गले लगाकर देना वो प्यार भरी झपियां,
दिन में करते मस्ती, रात में हंसीं ठट्टो में उड़ जाती आंखों से निंदिया,
आज तन्हाई में जब खोली यादों की गुत्थियां,
बेचैन हो उठा मन, याद कर वो सर्दी-गर्मी की छुट्टियां!
