(सर्वगुण सम्पन्न पति)

लड़ाई से बचने की हमारे श्रीमान जी ने क्या खूब प्लानिंग की,
नौबत ही नहीं आने दी कभी नखरा दिखाने की,
फरमाईशें हमारी पहले ही पूरी कर वजह ही खत्म की लड़ने लड़ाने की,
पर हम भी ठान कर बैठे थे उन्हें ताने सुनाने की,
इसलिए फरमाइश कर दी उनसे रविवार को खाना बनाने की,
मगर इसमें भी उन्होंने महारथ हासिल थी की,
खाना ऐसा बनाया की नौबत आ गई उंगलियां चाट खाने की,
भगवान को याद कर दिल ने बस यही फरियाद की आखिर क्या जरूरत है तुझे ऐसे सर्वगुण संपन्न पति बनाने की,
जो वजह ही ना दें हमें ताने सुनाने की ||

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started