( ख़ामोशी )

खामोशी को कुछ इस तरह से ओढ़ लिया हमने,
अब अपनों को छोड़, खामोशी से रिश्ता जोड़ लिया हमनें,


अब ना किसी से शिकवा ना ही शिकायत है, अपने जख्मों को खुद ही सहलाना सीख लिया हमने ||

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