( रिश्तों की गलियॉं )

बदनाम हो गए इन रिश्तों की गलियों में,

गुमनाम हो गए इन रिश्तों की गलियों में,

रंग सारे देख लिए इन रिश्तों की गलियों में,

रिश्ते सारे परख लिए इन रिश्तों की गलियों में,

देखी खून के रिश्तों की सच्चाई, इन रिश्तों की गलियों में,

देखे स्वार्थ से लिपटे सब, इन रिश्तों की गलियों में,

अहं सिर चढ़कर रहा है बोल, इन रिश्तों की गलियों में,

संस्कार लुप्त हो गए इन रिश्तों की गलियों में,

त्याग, समर्पण, प्रेम, सुप्त हो गए इन रिश्तों की गलियों में,

है बस पैसे की जयजयकार इन रिश्तों की गलियों में,

पैसों के बिना कोई इज्जत नहीं है आज इन रिश्तों की गलियों में,

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