कितनी आसानी से हम पर उंगली उठा गए,
प्यार को हमारे झूठा ठहरा गए,
आंखें भीगी उनकी फिक्र में, तो दिखावा बता गए,
बरसों के प्यार को, एक पल में बिसरा गए,
हमारे किये हुए को भूल, जो ना कर पाए हम, गिना गए ,
कितनी आसानी से खुद को वफा और हमको बेवफाई का जामा पहना गए ||
