जब से आये हो तुम जिंदगी में ,जिंदगी मेरी मुस्कुराने लगी । ख़ामोश थी जो जबां ,प्यार भरी लोरियाँ गाने लगी । तेरी मासूम सी मुसकुराहट के लिए,मैं कुछ भी करने लगी । सारे काम छोड़ विडियो गेम्स मे ,समय बिताने लगी । नए नए गैजेट्स से तुमने ही रुबरु कराया है,तभी तो तुम नन्होंContinue reading “( शुक्रिया )”
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( बेवफ़ाई )
कतरे-कतरे में उनके बेवफाई समाई थी,पर हम पर तो इश्क की खुमारी छाई थी,जिनकी मुहब्बत में हमने दुनिया बिसराई थी,हर खुशी दुनियां की जिनकी राहों में सजाई थी,दु:ख तो यही है कि,हमारी बरबादी की साज़िश उन्होंनें ही रचाई थी,जिनकी खुश्बू हमनें अपनी सांसों में बसाई थी
( बेवफाई )
कितनी आसानी से हम पर उंगली उठा गए,प्यार को हमारे झूठा ठहरा गए,आंखें भीगी उनकी फिक्र में, तो दिखावा बता गए,बरसों के प्यार को, एक पल में बिसरा गए,हमारे किये हुए को भूल, जो ना कर पाए हम, गिना गए ,कितनी आसानी से खुद को वफा और हमको बेवफाई का जामा पहना गए ||
( ख़ामोशी )
खामोशी को कुछ इस तरह से ओढ़ लिया हमने,अब अपनों को छोड़, खामोशी से रिश्ता जोड़ लिया हमनें, अब ना किसी से शिकवा ना ही शिकायत है, अपने जख्मों को खुद ही सहलाना सीख लिया हमने ||
(हमारे हौंसले)
अपनों के दिये जख्म, पल-पल रिसते रहते हैं,हम तन्हाइयों में हौंसलों का मलहम उन पर घिसते रहते हैं,वो सोचते हैं हमें दर्द नहीं होता,क्योंकि, हम मुस्कान को अपने चेहरे पर हम कुछ इस तरह से उकेरा करते हैं,और पल-पल अपनें आस-पास खुशियों के फूल बिखेरा करते हैं ,क्या, खाक तोड़ेंगे ये हमारे हौंसले,क्योंकि ,अपनी एकContinue reading “(हमारे हौंसले)”
(समय का चक्र)
समय बड़ा बलवान, तोड़े सबका अभिमान,समय-समय पर होता, हम सबका इम्तिहान,अपनों के लिए जो करते, अपना सर्वस्व बलिदान,समय के पन्नों पर, बना जाते अपनी पहचान ||
(एक उड़ान सपनों की)
माना, आज कुचलते हैं वो, हमारे अरमानों को,पर कब तक रोक पायेंगे, हमारी उड़ानों को,उड़ान ऊंचाइयों को छूने की,उड़ान कुछ कर गुजरने की,उड़ान सितारों सा चमकने की,उड़ान अपनों के लिए कुछ कर गुजरने की,एक उड़ान भरनी है, अपने सपनों के आसमां को छूने की ||
ग़ुरूर
जाने कितनी मजबूरियों ने उसे घेरा होगा,ऐसे तो नहीं उसने, मुझसे मुंह फेरा होगा,दर्द में देख मुझे, आंसू तो उसकी आँखों से भी बहा होगा,आंसुओं के जरिए ही सही, कुछ तो उसने मुझसे कहा होगा,गुरूर में अपने, मैने कुछ तो ऐसा किया होगा,ऐसे तो नहीं उसने, मुझसे मुंह फेरा होगा ||
(सर्वगुण सम्पन्न पति)
लड़ाई से बचने की हमारे श्रीमान जी ने क्या खूब प्लानिंग की,नौबत ही नहीं आने दी कभी नखरा दिखाने की,फरमाईशें हमारी पहले ही पूरी कर वजह ही खत्म की लड़ने लड़ाने की,पर हम भी ठान कर बैठे थे उन्हें ताने सुनाने की,इसलिए फरमाइश कर दी उनसे रविवार को खाना बनाने की,मगर इसमें भी उन्होंने महारथContinue reading “(सर्वगुण सम्पन्न पति)”
बुढ़ापा(उम्र का एक पड़ाव)
वक्त नहीं निकाला तुमने उन माँ-बाप के लिए,जाने कितनी रातें जागे जो तुम्हारी देखभाल के लिए,नौ माह तपस्या की जिस माँ ने तुझे पाने के लिए,नौ मिनट नहीं थे तुम्हारे पास उसके साथ समय बीताने के लिए,जाने कितने अरमानों को मारा जिस बाप ने तेरी हर खुशी को पूरा करने के लिए,समय नहीं था तेरेContinue reading “बुढ़ापा(उम्र का एक पड़ाव)”
( समय, नीयत और नियती )
अभिमानी को अपने मान का,ज्ञानी को अपने ज्ञान का,धनवान को अपने धन का,सुंदरता को अपने तन का,शक्तिशाली को अपनी शक्ति का,भक्त को अपनी भक्ति का गुरुर जब हो जाता है,तब समय की एक पटखनी से ये सब धरा का धरा रह जाता है,कर्मो के फेर से यहाँ कोई नहीं बच पाता है,समय हमारी नीयत सेContinue reading “( समय, नीयत और नियती )”
माँ (ममता का आंचल)
ममता के आंचल में मुझको छुपाती माँ,सीने से अपने मुझको लगाती माँ,थकान उतर जाती मेरी, जब गोद में सिर रखकर सहलाती माँ,तेरी धड़कनों की लोरी फिर से मुझको सुना दो मां,इस दिल की बेचैनी को अपनी मुस्कुराहट से मिटा दो मॉं ,तेरे हाथों का पका और तेरे हाथों से ही खाने को मेरी रूह तरसतीContinue reading “माँ (ममता का आंचल)”
(सर्दी-गर्मी की छुट्टियां)
नन्हे मन की नन्ही सी खुशियाँ,जल्दी से हो जाएं सर्दी-गर्मी की छुट्टीयां,बुआ, मामा, मासी संग वक्त बिताने की छुट्टियां,दादा-दादी, नाना-नानी से अपने मां-बाप के किस्से सुनने की छुट्टियां,बहन भाईयों संग पकवान खाने और बेखौफ मस्ती करने की छुट्टियां,बुआ-मासी का गले लगाकर देना वो प्यार भरी झपियां,दिन में करते मस्ती, रात में हंसीं ठट्टो में उड़Continue reading “(सर्दी-गर्मी की छुट्टियां)”
(प्रधानमंत्री की किसानों के प्रति सकारात्मक सोच)
( बहन के लिये दुआ )
( रिश्तों की गुल्लक )
( मां-बाप का साथ)
( चक्र किस्मत का )
चक्र किस्मत का जब भी घूमेगा प्यारे, तेरी ज़िंदगी के बदलेंगे सारे नजारे, तुझे सबक देगी जिंदगी, तेरे अपनों के सहारे, जिन ख्वाहिशों के लिए ,किये गलत काम तूने सारे, अब उनकी कीमत चुकाएँगे, वो जो हैं तुझे जान से प्यारे, अपनों को जरिया बनाकर, ही वो सबक सिखाता है, क्योंकि सबक वही, जो आत्माContinue reading “( चक्र किस्मत का )”
( रिश्तों के बाज़ार)
प्यार भरा दिल लेकर उतरे थे रिश्तों के बाज़ार में, पता नहीं था खो बैठेंगे अपना सब कुछ, दिल के इस व्यापार में, बड़े–बड़े सौदे होते देखे दिल के, फँस कर जज़्बातों के जाल में, हर किसी का कुछ ना कुछ गिरवी था, इस प्यार के बाज़ार में, कहीं जज़्बात थे गिरवी,कहीं हालात थे गिरवी,Continue reading “( रिश्तों के बाज़ार)”
( वक़्त के पासे )
वक़्त जब भी अपने पासे फेंकेगा , ना वो रिश्ते देखेगा ,ना वो नाते देखेगा, ना तेरी ज़ात देखेगा,ना ही औक़ात देखेगा , ना तेरे ज़ज्बात देखेगा,ना ही हालात देखेगा , ना तेरे आडंबर देखेगा,ना तेरे पीर पैग़म्बर देखेगा , तुझे कुछ भी देने से पहले,तेरे कर्मों का हिसाब देखेगा , देखेगा वो बस येContinue reading “( वक़्त के पासे )”
( रिश्तों की गलियॉं )
बदनाम हो गए इन रिश्तों की गलियों में, गुमनाम हो गए इन रिश्तों की गलियों में, रंग सारे देख लिए इन रिश्तों की गलियों में, रिश्ते सारे परख लिए इन रिश्तों की गलियों में, देखी खून के रिश्तों की सच्चाई, इन रिश्तों की गलियों में, देखे स्वार्थ से लिपटे सब, इन रिश्तों की गलियों में,Continue reading “( रिश्तों की गलियॉं )”
( मॉं से रोशन है दुनिया )
रोशन है दुनिया मेरी अपनों की दुआओं से, पर, मुकाबला कर नहीं सकता कोई माँ की दुआओं से, सिवाय, मेरी खुशियों के वो कुछ ना मांगती रब से, जीवन लुटा देती अपना,पर समझौता करती नहीं मेरी मुस्कुराहट से, उसकी तो सुबह भी मुझसे, उसकी शाम भी मुझसे, घबरा जाती गर, हो जाऊं एक पल भीContinue reading “( मॉं से रोशन है दुनिया )”
( वक्त )
वक्त-वक्त की बात है,वक्त ही बदलता हालात है,वक्त ही बदलता जज्बात है,वक्त ही करवाता अपने पराये की पहचान है,याद रखना, वक्त ना तेरे साथ है ना मेरे साथ है,क्योंकि वक्त ही है, जो हमें अपनी कसौटी पर परखता दिन-रात है ||
( झूठे रिश्ते )
ये कैसे झूठे रिश्ते हैं, ये कैसे झूठे नाते हैं, अपने ही अपनों का दिल दुखाते हैं, और इतने पर भी ये संतुष्टि नहीं पाते हैं, अपने अहं को हथियार बना, अपनों के जज्बातों से खेलते जाते हैं, वक्त के साथ फिर ये पलटी खाते हैं, और खुद को कठपुतली बता, ईश्वर पर ही दोषContinue reading “( झूठे रिश्ते )”
( दूरियाँ )
दूरियाँ चंद दिनों की क्या काम कर गई,अनदेखा करते थे कल तक जो हमें,आज उनके दिल में हमें देखने की चाह बढ़ गई,फिक्र हमारी आज उन्हें हमारी चौखट पर खड़ा कर गई,लफ्जों की जरूरत न हुई क्योंकि नजरें उनकी, इश्क का इजहार खुलेआम कर गई,कौन कहता है, की इश्क में दूरियाँ अच्छी नहीं होतीअजी, हमारेContinue reading “( दूरियाँ )”
( मां की अर्थी को कंधा देना आसान नहीं होता )
जिस्म का रुंआ-रुंआ कर्जदार है जिसका,उस मां की अर्थी सजाना आसान नहीं होता,मां की अर्थी को कंधा देना आसान नहीं होता, डर कर, घबराकर थामते थे जो आंचल उस आंचल से अपना हाथ छुड़ाना आसान नहीं होता,मां की अर्थी को कंधा देना आसान नहीं होता, जिससे लोरी सुनना, बातें करना अच्छा लगता था उसका यूंContinue reading “( मां की अर्थी को कंधा देना आसान नहीं होता )”
( माँ का आँचल )
तेरे जिस्म से ही मैंने ये जिस्म पाया है, तेरी कोख में ही मेरे अस्तित्व ने आकार पाया है, नौ महीने कोख में अपनी तूने मेरा भार उठाया है, मुझे मुस्कुराते देख तूने अपना हर दर्द भुलाया है, ना जाने मां ऊपर वाले ने तुझे किस मिट्टी से बनाया है, तेरे आंचल में, तेरी गोदContinue reading “( माँ का आँचल )”
( रोशनी की किरण – माँ )
अकेलापन तुझसे ही मैं बांट लेता हूं,मॉं, तू अभी दूर है तो क्या हुआ, यह सोच कर तब तक तेरी तस्वीर को ही निहार लेता हूं, तेरी प्यारी सी मुस्कान को मैं दिल में उतार लेता हूं, घेरते हैं जब भी अकेलेपन के साये, मां, तेरी यादों से रोशन दिल की हर दीवार करता हूं,Continue reading “( रोशनी की किरण – माँ )”
( मेरी ढाल – मेरे यार )
सिसकते दिल के फसाने बहुत हैं,आंखों में हमारी आंसू लाने वाले बहुत हैं,श्रेय दें किस-किसको हमारी बरबादी का ,यहॉं हमारी बरबादी की दुआ करने वाले बहुत हैं,रौंदते देखते हैं रोज अपने स्वाभिमान को इनके कदमों तले,यहां हमारी पहचान पर सवाल खड़े करने वाले बहुत हैं,बर्बाद करेंगे ये क्या खाक हमको, क्योंकि इनसे बचाने के लिएContinue reading “( मेरी ढाल – मेरे यार )”
( विवाह का ख्याल )
चाहतों के समंदर में गोते लगाता हूं, ख्यालों में तुझे अपने पास पाता हूं, इज़हार मुहब्बत का तुझसे बेखौफ कर जाता हूं, पर देख तेरी सहेलियों को साथ, ये ऑफर उनको भी चिपकाता हूं , खतरा किसके साथ उठाऊं विवाह का , ये समझ नहीं पाता हूं, हालत, देख मित्रों की आजादी के फैसले कोContinue reading “( विवाह का ख्याल )”
